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#fastest-brain-girl-india | जानिए मोहाली की 2 साल की जायेशा के बारे मे, दिमाग इतना तेज कि India Book of Records में दर्ज हुआ नाम

जानिए मोहाली की 2 साल की जायेशा के बारे मे, दिमाग इतना तेज कि India Book of Records में दर्ज हुआ नाम


आपकी उम्र तो केवल एक संख्या ही है और इस बात का जीता जागता सबूत है जायेशा सलूजा। मोहाली की रहने वाली जायेशा सलूजा अभी केवल दो साल, 2 महीने की ही है। लेकिन इनकी उपलब्धियां और कारनामें जान आप भी जरूर हैरान हो जाएंगे। जायेशा सलूजा का दिमाग एक अच्छे खासे और जवान उम्र वाले इंसान से भी ज्यादा तेज है। जायेशा सलूजा की याददाश्त इतनी तेज है की इनको इनकी याददाश्त (याद रखने की क्षमता) के लिए 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में उनका नाम दर्ज हुआ है।

जायेशा सलूजा की मां सपना जगपाल ने दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए कहा है कि जायेशा की क्षमताओं ने उन्हें न केवल स्थानीय स्तर पर पहचान दिलाई है, बल्कि उनका नाम दूर-दूर तक रोशन किया है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (India Book Of Records) द्वारा 25 मई 2021 को प्रमाणित भी किया गया है। 

अपने मामा पिता के साथ जायेशा।


एक बार पढ़ने मात्र से ही हो जाता है जायेशा को सब याद

सपना जगपाल (जायेशा सलूजा की माँ) ने बताया कि जिस उम्र मे छोटे बच्चे लोरी सुनने में ध्यान रखते है और लोरी सुनने मे ही व्यस्त होते हैं। उस उम्र में ही उनकी बेटी ज़ायेशा सभी तरह के जानवरों, आकृतियों, वाहनों, सब्जियों, रंगों, पक्षियों, फलों, शरीर के अंगों की पहचान कर सकती है और साथ ही वह अंग्रेजी अक्षर (Alphabets) A  से Z तक बोल सकती है। जायेशा 50 से अधिक कविताएं गा सकती हैं और उसे गिनती भी आती है। वह भारत के मानचित्र को समझती है। भारत के सभी राज्यों और उनकी राजधानियां जायेशा को जुबानी याद हैं। जायेशा महीनों के नाम, सभी दिनों के नाम और सौर मंडल के सभी ग्रहों के बारे में भी जानकारी रखती है। उन्होंने बताया कि जायेशा को एक बार पढ़ने से ही सब याद हो जाता है।

पिता बोले बेटी पर नाज

जायेशा सलूजा के पिता इशनीत सलूजा ने बताया कि हमें अपनी बेटी की शानदार उपलब्धियों पर बहुत ही ज्यादा गर्व है और साथ ही हमारा यह मानना है कि हर बच्चे में किसी न किसी की कोई एक विशिष्टता होती है, जिसको देखभाल और प्यार से पोषित करना होता है। जायेशा सलूजा के पिता इशनीत सलूजा ने बताया की जयेषा की मां ने ही उसे यह सब कुछ सिखाया है। उन्होंने अपनी बेटी जायेशा पर बहुत सारा ध्यान दिया। प्यार व खेल -खेल में उसे यह सब कुछ सिखाया है। हमें बहुत ही ज्यादा खुशी है कि हमारी बेटी ने छोटी सी उम्र में अपनी अलग पहचान बना ली है।

Reference Link: jagran.com

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