CBSE 12th marking: सीबीएसई बोर्ड ने बताया 12वीं की मार्किंग का फॉर्मूला, यहां समझें कैसे मिलेंगे स्टूडेंट्स को मार्क्स
CBSE 12th Evaluation: सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की मूल्यांकन प्रक्रिया और मार्किंग स्कीम की जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दे दी है। स्टूडेंट्स को किस तरह मार्क्स दिये जाएंगे, इसकी पूरी डीटेल नीचे दी हुयी है ध्यान से पढे...
हाइलाइट्स:
• सीबीएसई बोर्ड ने की क्लास 12वी की मार्किंग स्कीम की घोषणा
• सीबीएसई बोर्ड ने बताया सुप्रीम कोर्ट को पूरा फॉर्मूला
• 10वीं, 11वीं और 12वीं तीनों कक्षायों की परफॉर्मेंस पर मिलेंगे स्टूडेंट्स को मार्क्स
CBSE board class 12 evaluation kaise hoga? CBSE Board Class 12th marking scheme announced: आखिरकार सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं के स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म कर दिया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के रिज़ल्ट की मार्किंग का फॉर्मूला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश कर दिया है। आपको इसकी जानकारी सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट cbse.nic.in पर भी मिल जाएगी।
सीबीएसई बोर्ड ने यह तय कर दिया है की 12वीं के स्टूडेंट्स को उनकी क्लास 10वी, 11वी और 12वी तीनों की परफॉर्मेंस के आधार पर ही आंका जाएगा। कक्षा 10वीं के 30 फीसदी, कक्षा 11वीं के 30 फीसदी और साथ ही कक्षा 12वीं के 40 फीसदी अंको को ही रिज़ल्ट मूल्यांकन का आधार बनाया गया है। पूरा मार्किंग फॉर्मूला नीचे डिटेल्स से दिया हुआ है इसलिए ध्यान से पढे ताकि आपको अच्छे से समझ मे आ जाये।
क्लास 12 – स्टूडेंट्स को क्लास 12वी के यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री-बोर्ड एग्जाम की परफॉर्मेंस के आधार पर मार्क्स मिलेंगे। इसका वेटेज 40% होगा। यानि की कक्षा 12वी के 40% मार्क्स होंगे।
क्लास 11 - क्लास 11 के फाइनल एग्जाम में सभी विषयों के थ्योरी पेपर की जो परफॉर्मेंस है उसकी के आधार पर स्टूडेंट्स को मार्क्स मिलेंगे। इसका वेटेज 30% होगा।
क्लास 10 - क्लास 10 मे के प्रमुख 5 विषयों में से तीन विषयों के थ्योरी पेपर के परफॉर्मेंस के आधार पर मार्क्स मिलेंगे। ये तीन प्रमुख विषय वे विषय होंगे जिनमें स्टूडेंट की परफॉर्मेंस सबसे ज्यादा अच्छी रही होगी। इसका वेटेज भी 30% होगा। यानि की क्लास 10 मे से 30% मार्क्स दिये जाएँगे।
कक्षा 12वी में जो भी प्रैक्टिकल पेपर और इंटरनल असेसमेंट्स आपने दिये होंगे, उसमें आपको जो मार्क्स मिले थे उन्ही को आपका स्कूल सीबीएसई बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। स्कूल पिछले वर्षों में बोर्ड के एग्जाम्स में जैसी आपकी परफॉर्मेंस है उन्ही के आधार पर ही मार्क्स दे सकते हैं। यानी की रेफरेंस साल का नियम लागू होगा।
ऐसा होगा टैबुलेशन
0 Comments